तुम्हारा साथ
निखर रही हु। सँवर रही हु मैं
तुम्हारा साथ पाकर,
मेरे मन का आँगन ,
महक रहा।
तुम्हारी यादो से।
मचल रही हु मैं
तुम्हारा साथ पाकर
तुम्हारी यादो से खेल रही हु।
अंगड़ाई ले रही हु।
तुम्हे सोचकर
तुम्हारा इंतज़ार करना
तुम्हारी आहत सुनकर
भागना।
ये सब मुझे कर रहे बेक़रार
तुमसे मिलने को
हर पल
क्युकि तुम आये हो मेरी
जिंदगी में बहार बनकर
सिर्फ तुम्हारा नाम लेती तो
मुझे मिलता संबल।